मातृ वंदना का प्रतीक है मदर्स डे : सोलंकी।

मां का स्थान जीवन में सर्वोपरि होता है। भारतीय संस्कृति में हम प्रतिदिन माता का सम्मान और वंदन करते हैं, वहीं पाश्चात्य देशों में मदर्स डे को विशेष रूप से मातृत्व के सम्मान के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। किसी भी रूप में मनाया जाए, यह दिवस हमें मां के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करने के लिए प्रेरित करता है।

वास्तव में मां का स्थान कोई दूसरा कभी नहीं ले सकता। सौभाग्य की बात है कि हमारी माता जी आज हमारे बीच हैं और हमें उनकी सेवा एवं सम्मान का अवसर प्राप्त हो रहा है। जब भी जीवन के संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हैं, तो उनके प्रति हमारी आस्था और सम्मान और अधिक बढ़ जाता है।

हम चार भाइयों और एक बहन के सिर से बचपन में ही पिता का साया उठ गया था। उस समय हम सभी नाबालिग थे। ऐसी कठिन परिस्थितियों में हमारी माता जी ने अथक परिश्रम और संघर्ष के साथ हम सभी का पालन-पोषण किया। वे प्रतिदिन प्रातः चार बजे उठकर दादा देव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जाकर हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना करती थीं। इसके साथ ही उन्होंने दूध बेचकर परिवार की जिम्मेदारियों को निभाया और हमें किसी प्रकार की कमी या कठिनाई महसूस नहीं होने दी।

आज हम सभी अपने परिवार के साथ सुखी एवं सम्मानपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जो हमारी माता जी के त्याग, तपस्या, आशीर्वाद और अथक मेहनत का ही परिणाम है।

आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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