देश में इस बार भी मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुमान ने गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत की उम्मीद दी है। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 25 से 27 मई के बीच ही केरल तट पर पहुंचने की संभावना जताई गई है। अगर ऐसा होता है तो यह पिछले कई वर्षों में मानसून की सबसे जल्दी एंट्री में से एक माना जाएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेजी से बन रहे मौसमी सिस्टम के कारण मानसून की रफ्तार बढ़ रही है। यही वजह है कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में अभी से बारिश का असर दिखाई देने लगा है। पिछले साल भी मानसून समय से चार-पांच दिन पहले आया था।
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश होने के आसार हैं। कई इलाकों में बादल गरजने, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। मानसून की जल्द एंट्री किसानों के लिए भी अच्छी खबर मानी जा रही है। खेती से जुड़े लोग लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। समय से पहले बारिश होने से खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिल सकती है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है, क्योंकि कई जगहों पर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है।
असम, मेघालय, मणिपुर और आसपास के राज्यों में लगातार बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी और निचले इलाकों में पानी भरने और छोटे भूस्खलन जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है। उधर बंगाल की खाड़ी में बने दबाव का असर ओडिशा में साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले छह दिनों तक बारिश का अनुमान जताया है। करीब 20 जिलों में तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर भारत में भी मौसम धीरे-धीरे करवट लेने लगा है।
पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। कई राज्यों में बादल छाने लगे हैं और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। 13 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। पंजाब और हरियाणा में भी मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। यहां तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में भी कई इलाकों में बिजली गिरने और बारिश का अनुमान है।
उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक बदलेगा मौसम, तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा
14 मई को मौसम का असर और बढ़ सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बारिश से राहत मिल सकती है। हालांकि तेज हवाओं के कारण यातायात और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी हुई है। ऊंचाई वाले इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
ग्रामीण इलाकों में किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। कई राज्यों में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून की शुरुआत सामान्य से बेहतर रह सकती है। यदि मानसून समय से पहले आगे बढ़ता है तो जून के शुरुआती दिनों में ही देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे जल संकट झेल रहे इलाकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि मानसून के दौरान तेज बारिश और अचानक मौसम बदलने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसलिए लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। देशभर में अब लोगों की नजरें मानसून की अगली चाल पर टिकी हैं। गर्मी से राहत की उम्मीद के बीच किसान, व्यापारी और आम लोग अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे हैं।

















Leave a Reply