बरेली। उत्तराखंड की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी ने बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर स्थानीय सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। उनके इस फैसले ने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के बीच भी चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।

बरेली। उत्तराखंड की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी ने बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर स्थानीय सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। उनके इस फैसले ने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के बीच भी चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
गिरधारी लाल साहू के इस संभावित चुनावी आगाज को संगठित रूप देने की जिम्मेदारी उनके पुत्र धर्मेंद्र साहू राठौर उर्फ रिंकू ने संभाल ली है। रविवार को बिथरी चैनपुर क्षेत्र के चनहेटी गांव में जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में समर्थकों और स्थानीय जनता की उपस्थिति देखने को मिली। सभा में मौजूद भीड़ ने साफ संकेत दिया कि क्षेत्र में उनकी सक्रियता को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी धर्मेंद्र साहू रिंकू ने अपने पिता के सामाजिक कार्यों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि गिरधारी लाल साहू लंबे समय से समाज के सभी वर्गों के लिए काम करते आ रहे हैं। विशेष रूप से धार्मिक गतिविधियों और जरूरतमंद परिवारों की सहायता में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। हर वर्ष 101 गरीब बेटियों का सामूहिक विवाह कराना उनकी पहचान बन चुका है। जिससे समाज के कमजोर तबकों में उनका खासा प्रभाव है।
धर्मेंद्र साहू ने यह भी दावा किया कि साहू, राठौर सहित कई अन्य समाजों का उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लगातार उनके पिता से 2027 के विधानसभा चुनाव में बिथरी चैनपुर सीट से मैदान में उतरने का आग्रह कर रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि गिरधारी लाल साहू किस राजनीतिक दल से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन यह तय माना जा रहा है। कि वे आगामी चुनाव में अपनी दावेदारी हर हाल में पेश करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि गिरधारी लाल साहू चुनावी मैदान में उतरते हैं। तो बिथरी चैनपुर की सियासी तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उनके सामाजिक प्रभाव और बढ़ती जनसक्रियता ने पहले ही क्षेत्र में चुनावी समीकरणों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा। कि उनका अगला कदम किस दिशा में जाता है। और कौन-सी पार्टी उन्हें अपने पाले में लाने में सफल होती है। इस बीच उनके इस फैसले से उत्तराखंड खासतौर पर सोमेश्वर की राजनीति में भी हलचल है। सभा में प्रधान रवि साहू, प्रधान शिव कुमार पटेल, तारा सम्राट साहू, देवेन्द्र साहू, वीरपाल साहू, मनोज कुमार बीडीसी, नवी हसन, जीतेन्द्र श्रीवास्तव, रायबहादुर कश्यप, बलवीर सिंह समेत तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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