गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। इसका असर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर साफ दिखाई दे रहा है, जहां होटल लगभग फुल हो चुके हैं और सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुल्लू, रोहतांग पास, अटल टनल, धर्मशाला, डलहौजी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मनाली और रोहतांग की वादियों में पर्यटक बर्फ और ठंडे मौसम का आनंद लेने पहुंच रहे हैं, जबकि शिमला की माल रोड और रिज मैदान पर्यटकों से गुलजार हैं।
धर्मशाला और मैकलोडगंज में भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। डलहौजी और खज्जियार में होटल कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। सबसे अधिक टूरिस्ट मनाली पहुंच रहा है। इसकी वजह पास में रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रा है, क्योंकि ज्यादातर टूरिस्ट बर्फ देखने की चाहत में आ रहा है। ऐसे टूरिस्ट शाम को मनाली रुकते हैं और सुबह बर्फ देखने रोहतांग दर्रा की तरफ चले जाते है। दिनभर बर्फ में मस्ती करने के बाद शाम को वापस मनाली लौटते हैं। होटल कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक बुधवार तक कई पर्यटन स्थलों पर होटलों की ऑक्यूपेंसी 60 फीसदी तक पहुंच गई थी, जबकि आने वाले वीकेंड में यह आंकड़ा 90 फीसदी तक पहुंचने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक निजी वाहनों और बसों से हिमाचल पहुंच रहे हैं। भीड़ बढ़ने के साथ ही पर्यटकों को ट्रैफिक जाम की परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। खासकर मनाली, अटल टनल और रोहतांग की ओर जाने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। शिमला शहर में भी पार्किंग की समस्या बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुटी हुई हैं। उधर, उत्तराखंड में भी पर्यटन सीजन पूरे चरम पर पहुंच गया है। मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार और औली जैसे पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। मसूरी की माल रोड, केम्पटी फॉल और कंपनी गार्डन में दिनभर भीड़ बनी हुई है।
नैनीताल में नैनी झील के आसपास पर्यटकों की भारी चहल-पहल दिखाई दे रही है। ऋषिकेश और हरिद्वार में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर टूरिज्म का भी जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है, जबकि ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग और कैंपिंग के लिए बड़ी संख्या में युवा पहुंच रहे हैं। उत्तराखंड में इस समय चारधाम यात्रा भी चल रही है, जिसके चलते राज्य में यात्रियों की संख्या और बढ़ गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं का लगातार पहुंचना जारी है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। प्रशासन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार व्यवस्थाएं बनाने में जुटा हुआ है।
दोनों राज्यों में ट्रैफिक जाम और होटल बुकिंग ने बढ़ाई चुनौती
हिमाचल और उत्तराखंड दोनों राज्यों में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन कारोबार को बड़ा फायदा हो रहा है। होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों की आमदनी में इजाफा हुआ है। हालांकि बढ़ती भीड़ ने व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ा दिया है। कई जगह पार्किंग फुल हो चुकी हैं और पर्यटकों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। मनाली और शिमला में कई होटल पहले से एडवांस बुक हो चुके हैं।
वहीं मसूरी और नैनीताल में भी वीकेंड के लिए अधिकांश होटलों में कमरों की उपलब्धता तेजी से घट रही है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि इस बार समर सीजन पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा बेहतर रहने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से भी पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे यात्रा के दौरान ट्रैफिक नियमों का पालन करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें।
मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में पहाड़ी राज्यों में मौसम सुहाना बने रहने की संभावना जताई है, जिससे पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग लगातार पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं और आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर और ज्यादा भीड़ देखने को मिल सकती है। समर वेकेशन के इस सीजन ने दोनों राज्यों के पर्यटन कारोबार में नई रौनक ला दी है।

















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