राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा मौसम की भेंट चढ़ा, अल्मोड़ा रैली आखिरी वक्त पर रद्द, कांग्रेस कार्यकर्ता मायूस लौटे

कांग्रेस के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आज गुरुवार को उत्तराखंड का अल्मोड़ा दौरा होना था। उनके स्वागत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कई दिनों से व्यापक तैयारियां की थीं। अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान को जनसभा के लिए सजाया गया था, मंच तैयार था, सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली गई थी और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सुबह से ही राहुल गांधी के इंतजार में मैदान में जुटने लगे थे। कांग्रेस को उम्मीद थी कि यह जनसभा न केवल कुमाऊं क्षेत्र में पार्टी को नई ऊर्जा देगी, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति को भी मजबूती प्रदान करेगी। लेकिन मौसम ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया और खराब मौसम के कारण राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर अल्मोड़ा में उतर नहीं सका। सुबह से ही अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला हुआ था। 

आसमान में बादल छाए रहे और हेलीकॉप्टर उड़ान संचालन के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं। राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर पंतनगर तक पहुंचा, लेकिन वहां से अल्मोड़ा के लिए उड़ान भरने और सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। मौसम में लगातार बनी अनिश्चितता के कारण आखिरकार उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस तरह कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित जनसभा शुरू होने से पहले ही स्थगित हो गई। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था। दूर-दराज के गांवों और पर्वतीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही सिमकनी मैदान पहुंचने लगे थे। कांग्रेस नेताओं का दावा था कि जनसभा में लगभग 30 हजार लोगों के पहुंचने की तैयारी की गई थी। मैदान में मौजूद कार्यकर्ता राहुल गांधी के आगमन की घोषणा का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे मौसम खराब होने और हेलीकॉप्टर के नहीं पहुंच पाने की खबर फैलने लगी, लोगों में निराशा भी बढ़ती गई। 

हालांकि राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को निराश नहीं होने दिया। उन्होंने मोबाइल फोन के माध्यम से जनसभा को संबोधित किया। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने मंच से अपना मोबाइल माइक के पास लगाकर राहुल गांधी का संदेश लोगों तक पहुंचाया। अपने संक्षिप्त संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि वे अल्मोड़ा आना चाहते थे, लेकिन खराब मौसम के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से क्षमा मांगते हुए जल्द ही दोबारा उत्तराखंड आने का भरोसा दिलाया। राहुल गांधी का संदेश सुनने के लिए मैदान में मौजूद लोगों ने धैर्य बनाए रखा, लेकिन कार्यक्रम रद्द होने की घोषणा के बाद कई लोग वापस लौटने लगे। 

मंच पर प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों में भी इसी उत्साह के साथ भागीदारी करने की अपील की। कुमारी सैलजा ने मंच से आधिकारिक रूप से राहुल गांधी के कार्यक्रम के रद्द होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी और राहुल गांधी दोनों ही कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हैं, लेकिन मौसम जैसी परिस्थितियों पर किसी का नियंत्रण नहीं होता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहुल गांधी जल्द ही उत्तराखंड का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचेंगे।

उत्तराखंड के मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे राहुल गांधी 

दौरा रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखंड की जनता के सामने मौजूद आर्थिक, सामाजिक और विकास संबंधी मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। उनका उद्देश्य राज्य के युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान पर बात करना था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का भविष्य, पलायन, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियां ऐसे विषय हैं जिन पर संवाद जरूरी है। राहुल गांधी ने बताया कि उनके कार्यक्रम में केवल अल्मोड़ा की जनसभा ही शामिल नहीं थी, बल्कि पौड़ी में पूर्व सैनिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित थी। इसके अलावा कोटद्वार में दीपक कुमार के जिम जाने और स्थानीय लोगों से मुलाकात करने का कार्यक्रम भी निर्धारित था। लेकिन मौसम की खराबी के कारण पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रकृति के सामने सभी को झुकना पड़ता है और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। 

राहुल गांधी ने कहा कि वे जल्द ही उत्तराखंड लौटेंगे और जिन लोगों से मुलाकात नहीं हो सकी, उनसे अवश्य संवाद करेंगे। दौरे का दूसरा दिन भी राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। देहरादून में प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुखों, विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ एक बड़ी बैठक प्रस्तावित थी। इस बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति, बूथ स्तर की तैयारियों, आगामी जनसंपर्क अभियानों और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा होनी थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यभार संभालने के बाद यह पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक मानी जा रही थी। 

पार्टी नेतृत्व जिला स्तर तक के नेताओं से सीधा फीडबैक लेकर संगठन को और मजबूत करने की योजना बना रहा था। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह बैठक आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी का आधार बन सकती थी। हालांकि मौसम ने राहुल गांधी की यात्रा को रोक दिया, लेकिन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ताओं का उत्साह और जनसमर्थन यह संकेत देता है कि पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाएगी। अब सभी की निगाहें राहुल गांधी के अगले उत्तराखंड दौरे पर टिकी हैं, जिसका इंतजार हजारों कार्यकर्ता और समर्थक एक बार फिर से करेंगे।

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