मानसून की दस्तक से पहले बदला मौसम का मिजाज, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों को गर्मी से राहत

जून की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। पिछले कई सप्ताह से भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहे अधिकांश राज्यों को अब आंधी, बारिश और तेज हवाओं के कारण बड़ी राहत मिली है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर तक मौसम की सक्रियता बढ़ने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। हालात यह हैं कि देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल तट पर पहुंचने की संभावना ने भी मौसम को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में बारिश दर्ज की गई। 

कई स्थानों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने दिन के तापमान को नियंत्रित रखा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। हालांकि बारिश राहत के साथ चुनौतियां भी लेकर आई है। जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम ने जनजीवन को प्रभावित किया। डोडा, किश्तवाड़ और पुंछ जिलों में बादल फटने की घटनाओं से कई इलाकों में जलभराव और मलबा जमा हो गया। 

सड़क संपर्क प्रभावित हुआ और कई वाहन मलबे में फंस गए। अनंतनाग जिले में तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। लगातार बदलते मौसम के बीच फिलहाल देशभर में राहत का माहौल है। बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी के तेवर नरम कर दिए हैं, जबकि मानसून की संभावित दस्तक ने किसानों से लेकर आम लोगों तक की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम का रुख लोगों के लिए राहत लेकर आया है। 

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में 7 जून तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है। 4 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश हो सकती है। 5 और 6 जून को भी बादल छाए रहने तथा हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राहत के इस दौर के साथ सतर्कता भी जरूरी है, क्योंकि बदलते वैश्विक मौसम पैटर्न के कारण आने वाले महीनों में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।

4 जून को केरल तट पर पहुंच सकता है मानसून, राज्यों को तैयार रहने के निर्देश

देशभर में बदलते मौसम के बीच सबसे ज्यादा नजरें दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर टिकी हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून 4 जून को केरल तट पर पहुंच सकता है। इससे पहले इसके 26 मई तक पहुंचने का अनुमान था, लेकिन अनुकूल परिस्थितियां समय पर विकसित नहीं हो सकीं। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है और इसके बाद धीरे-धीरे पूरे देश में आगे बढ़ता है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के सक्रिय होते ही दक्षिण और पूर्वी भारत में वर्षा गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। केरल में मानसून पूर्व गतिविधियां लगातार मजबूत हो रही हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में 2 से 6 जून के बीच व्यापक वर्षा का अनुमान है। मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। लगातार हो रही बारिश को मानसून के आगमन का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। 

मौसम विभाग ने 4 जून के लिए राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में आंधी-तूफान और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज बारिश की भी संभावना है। वहीं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में आगामी दिनों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। 

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अरब सागर से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से यह स्थिति बन रही है। किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी सलाह का पालन करने को कहा गया है। 5 जून को भी देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का दौर बना रहेगा।

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