भारतीय सिनेमा के दमदार और बहुमुखी अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर ने देशभर में शोक की लहर दौड़ा दी है। गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में अचेत अवस्था में पाया गया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल के अनुसार उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक शोक की लहर फैल गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। नेताओं ने उनके अभिनय, सामाजिक सरोकार और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि अपने सशक्त और भावपूर्ण अभिनय के जरिए नाना ने मानवीय अनुभवों की अलग-अलग भावनाओं को पर्दे पर जीवंत किया। उनके निभाए कई किरदार लोगों के दिल और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ गए। राष्ट्रपति ने उनके समाजसेवा से जुड़े कार्यों को भी याद किया और परिवार तथा प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में उनकी तरह तीव्रता, व्यक्तित्व और प्रभावी उपस्थिति देखने को मिलती थी। प्रधानमंत्री के मुताबिक नाना ने हर भूमिका में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाई तथा ऐसे किरदार दिए जिन्हें पीढ़ियां याद रखेंगी। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना के योगदान को अपार बताते हुए कहा कि उनके निधन से एक गहरा शून्य पैदा हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाना पाटेकर को प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए उनके निधन को कला जगत की अपूरणीय क्षति कहा। उन्होंने कहा कि नाना ने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और सामाजिक सरोकारों के जरिए समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नाना के निधन को बेहद दुखद और चौंकाने वाला बताया। उन्होंने नाना के साथ अपने घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को याद किया। गडकरी ने कहा कि पांच दशक से अधिक लंबे सफर में नाना ने अपने दमदार अभिनय और अनूठी संवाद शैली से अनेक किरदारों को अमर कर दिया। उन्होंने ग्रामीण महाराष्ट्र में जल संरक्षण और किसानों की मदद के लिए नाना द्वारा किए गए कार्यों को भी याद किया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नाना पाटेकर का निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि गंभीर सामाजिक विषयों से लेकर हास्य-व्यंग्य तक नाना ने हर तरह के किरदार को अपनी अदाकारी से जीवंत बनाया। शाह ने नाना के सामाजिक कार्यों, विशेष रूप से किसानों और सूखे से प्रभावित परिवारों के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नाना पाटेकर की असाधारण बहुमुखी प्रतिभा और अभिनय की गहराई बहुत कम कलाकारों में देखने को मिलती थी। उनके अनुसार नाना की आवाज, व्यक्तित्व और अलग-अलग तरह के किरदारों में ढल जाने की क्षमता उन्हें विशिष्ट बनाती थी। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा में नाना का योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
अक्षय कुमार समेत फिल्मी सितारों ने भी नम आंखों से याद किया
नाना पाटेकर के निधन पर फिल्म जगत के कलाकारों ने भी भावुक श्रद्धांजलि दी। अभिनेता अक्षय कुमार ने नाना के साथ काम करने की याद साझा करते हुए कहा कि उनके निधन की खबर पर यकीन करना मुश्किल है। अक्षय ने नाना को ऐसे दुर्लभ कलाकारों में बताया, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्होंने नाना की आवाज, अभिनय की तीव्रता और हर भूमिका में दिखाई देने वाली ईमानदारी को याद किया। दोनों कलाकारों ने ‘वेलकम’ के अलावा ‘हाउसफुल 5’ में भी साथ काम किया था। अभिनेता रितेश देशमुख भी नाना पाटेकर के निधन से बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने नाना के साथ काम करने के अनुभव को याद किया और कहा कि उनके जैसा प्रतिभाशाली कलाकार दोबारा मिलना मुश्किल है। रितेश ने उनके साथ एक मराठी फिल्म में काम करने की अपनी अधूरी इच्छा का भी जिक्र किया।
अभिनेता प्रकाश राज, जूनियर एनटीआर और साई कुमार समेत कई कलाकारों ने भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उनके अभिनय की गहराई, संवाद अदायगी और पर्दे पर किरदार को पूरी तरह अपना बना लेने की क्षमता को याद किया। गायिका उषा उत्थुप ने नाना को दुनिया के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताते हुए उन्हें संवेदनशील इंसान और नेकदिल व्यक्तित्व के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि नाना की तुलना किसी दूसरे कलाकार से नहीं की जा सकती।
नाना पाटेकर का फिल्मी सफर करीब पांच दशक का रहा। रंगमंच से शुरुआत करने के बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘अंकुश’, ‘सलाम बॉम्बे’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। गंभीर भूमिकाओं के साथ-साथ हास्य भूमिकाओं में भी उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी। ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी जैसे किरदार ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय बनाया। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। किसानों और सूखे से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उनके सामाजिक प्रयासों को लगातार सराहा गया। यही वजह है कि उनके निधन पर केवल फिल्म जगत ही नहीं, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों में भी गहरा दुख देखने को मिल रहा है। नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के उस दौर का अंत माना जा रहा है, जिसमें अभिनय केवल संवाद बोलने तक सीमित नहीं था, बल्कि चेहरे के भाव, आवाज और व्यक्तित्व से किरदार को जीवंत किया जाता था। पर्दे पर उनकी मौजूदगी जितनी प्रभावशाली थी, उतना ही अलग उनका व्यक्तित्व भी था। अब उनकी फिल्में, संवाद और यादगार किरदार ही दर्शकों के बीच उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे।


















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