गणपति बप्पा के जयकारों से सोमवार को देश के कई शहरों के मंदिर और पूजा पंडाल गूंज उठे। गणेश चतुर्थी के मौके पर सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र से लेकर दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल तक धार्मिक आयोजनों के साथ उत्सव का उल्लास दिखाई दे रहा है। देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही प्रमुख गणेश मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु से लेकर पश्चिम बंगाल तक भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। भक्त गणपति बप्पा के जयकारों के साथ सुख, समृद्धि, सफलता और शांति की कामना कर रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गणेश चतुर्थी पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान गणेश से सभी के जीवन में सकारात्मकता, ऊर्जा और समृद्धि लाने की कामना की है।
महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का रंग सबसे अधिक गहरा दिखाई दे रहा है। मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पंडाल के आसपास भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर रहे हैं। मुंबई में गणेश चतुर्थी का पर्व दस दिनों तक बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इस दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में भव्य पंडाल सजाए जाते हैं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नागपुर में भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर टेकड़ी में मंगल आरती का आयोजन किया गया। सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और मंगल आरती में शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी गणेश चतुर्थी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर में सुबह पांच बजे मंगल आरती के साथ दर्शन शुरू हुए। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए कतार में लगे रहे। श्रद्धालुओं के लिए रात 11 बजकर 40 मिनट पर होने वाली शयन आरती तक दर्शन की व्यवस्था की गई है। गणेश चतुर्थी पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है और दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है। दक्षिण भारत में भी गणेश चतुर्थी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के पिल्लैयारपट्टी स्थित ऐतिहासिक करपगा विनायकर मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी गणेशोत्सव की रौनक देखने को मिल रही है। बसवनगुड़ी स्थित श्री डोड्डा गणपति मंदिर में गौरी-गणेश और गणेश चतुर्थी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई और भक्तों ने भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया। शहर के कई अन्य इलाकों में भी सार्वजनिक पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
पश्चिम बंगाल में धार्मिक उत्सव के साथ दिखा सामाजिक और समसामयिक संदेश
पश्चिम बंगाल में गणेश चतुर्थी के आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और समसामयिक विषयों की झलक भी दिखाई दे रही है। कोलकाता के बागुईआटी इलाके में एग्जीक्यूटिव पैलेस अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने ‘परिवर्तन – विकसित बंगाल की ओर, डबल इंजन सरकार के साथ’ विषय पर पूजा पंडाल तैयार किया है। पंडाल में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के भवन की प्रतिकृति बनाई गई है। इसके साथ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के मॉडल लगाए गए हैं, जिनके हाथों में ‘हमें न्याय चाहिए’ लिखी तख्तियां दिखाई दे रही हैं। पंडाल में आधुनिक बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और राज्य के भविष्य की संभावनाओं को दर्शाने वाली झांकियां भी तैयार की गई हैं। आयोजकों ने धार्मिक आयोजन के माध्यम से सामाजिक और समसामयिक मुद्दों को लोगों के सामने रखने की कोशिश की है। पंडाल की झांकियों में बंगाल के अतीत, हिंसा, औद्योगिक गिरावट के साथ औद्योगिकीकरण, बेहतर बुनियादी ढांचे और विकास की उम्मीदों को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
पश्चिम बंगाल में आयोजित गणेश पूजा के विभिन्न कार्यक्रमों में वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष भी शामिल हुए। उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में गणेश पूजा का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में गणेश उत्सव का व्यापक आयोजन सांस्कृतिक जागरण का संकेत है। उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव दिखाई दे रहा है और इस बार उत्सवों की शुरुआत गणेश उत्सव से हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बंगाल आगे चलकर ‘न्यू बंगाल’ के रूप में विकसित होगा और राज्य में समृद्धि आएगी। गणेश चतुर्थी के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने भगवान गणेश को ज्ञान, समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी का पर्व जीवन में ऊर्जा, ज्ञान और सकारात्मकता लेकर आता है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह पवित्र त्योहार लोगों को नए संकल्पों के साथ तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि भगवान गणेश सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और शांति लेकर आएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गणेश चतुर्थी पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर संस्कृत में सुभाषित साझा करते हुए कामना की कि यह पवित्र पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे। प्रधानमंत्री ने भगवान गणेश के दिव्य आशीर्वाद से सभी प्रयासों में सफलता मिलने और देश के निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की कामना की। देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों और पूजा पंडालों में उमड़ रही भीड़ गणेश चतुर्थी की व्यापक धार्मिक और सांस्कृतिक स्वीकार्यता को दर्शा रही है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकारी देवता माना जाता है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी पर लोग नई शुरुआत, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना के साथ विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं। महाराष्ट्र में दस दिवसीय उत्सव से लेकर दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों और देश के विभिन्न शहरों के सार्वजनिक पंडालों तक गणेशोत्सव आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सहभागिता का भी बड़ा पर्व बनकर सामने आ रहा है।


















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