देश के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपतियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने भगवान बदरीविशाल और बाबा केदारनाथ के समक्ष देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को कुल 10 करोड़ रुपये का दान भी दिया, जो दोनों धामों की व्यवस्थाओं और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विकास में उपयोग किया जाएगा। हिमालय की गोद में बसे दोनों धामों में पहुंचे मुकेश अंबानी का स्वागत मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने किया। उन्होंने सबसे पहले श्री बदरीनाथ धाम में भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। इसके बाद वह केदारनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा केदार के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
दर्शन के दौरान अंबानी पूरे समय भक्तिभाव में डूबे दिखाई दिए। मंदिर परिसर से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में वह हाथ जोड़कर भगवान की आराधना करते तथा महादेव की आरती में सहभागी बनते नजर आए। मुकेश अंबानी की बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में गहरी आस्था किसी से छिपी नहीं है। वर्षों से वह नियमित रूप से चारधाम यात्रा के दौरान इन पवित्र धामों में पहुंचते रहे हैं। कारोबारी दुनिया की व्यस्तताओं के बावजूद वह हर वर्ष समय निकालकर देवभूमि उत्तराखंड आते हैं और भगवान बदरीविशाल तथा बाबा केदारनाथ के दर्शन करते हैं। उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि धामों के विकास और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में योगदान देने की भावना भी इसके साथ जुड़ी रहती है। इस वर्ष की यात्रा कई मायनों में विशेष रही। आमतौर पर मुकेश अंबानी हर वर्ष बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए लगभग ढाई-ढाई करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी सहायता राशि को दोगुना करते हुए दोनों धामों के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इस तरह कुल 10 करोड़ रुपये का योगदान देकर उन्होंने धार्मिक और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुकेश अंबानी ने बीकेटीसी को दो अलग-अलग चेक सौंपे। इनमें से पांच करोड़ रुपये बदरीनाथ धाम की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों के लिए तथा पांच करोड़ रुपये केदारनाथ धाम की सुविधाओं के विस्तार और संचालन के लिए दिए गए। मंदिर समिति के अधिकारियों ने उनके इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह राशि तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चारधाम यात्रा इस वर्ष भी नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। उत्तराखंड सरकार और मंदिर समिति के अनुसार 13 जून तक केदारनाथ धाम में 12 लाख 23 हजार 074 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं बदरीनाथ धाम में 10 लाख 92 हजार 367 श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए हैं। गंगोत्री धाम में 5 लाख 95 हजार 166 तथा यमुनोत्री धाम में 5 लाख 56 हजार 227 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह दर्शाती है कि चारधाम यात्रा के प्रति लोगों की आस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है।
मुकेश अंबानी का धार्मिक यात्रा के साथ सहयोग और सेवा भाव भी
मुकेश अंबानी की यह यात्रा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सेवा और सहयोग का भाव भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उत्तराखंड के दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में स्थित इन धामों में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों के लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास और रखरखाव एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में उद्योग जगत से मिलने वाला सहयोग मंदिर समितियों और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण साबित होता है। अंबानी द्वारा दिया गया यह योगदान तीर्थ क्षेत्र के विकास, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं, स्वच्छता, आवासीय सुविधाओं और अन्य आवश्यक कार्यों में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। इससे चारधाम यात्रा को और अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
मुकेश अंबानी का उत्तराखंड से जुड़ाव भी वर्षों पुराना रहा है। वह समय-समय पर राज्य के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहयोग करते रहे हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में उनकी नियमित उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भारत की आध्यात्मिक परंपराएं आज भी देश के बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट जगत के प्रमुख लोगों को समान रूप से आकर्षित करती हैं। चारधाम यात्रा के बीच मुकेश अंबानी की यह यात्रा और 10 करोड़ रुपये का दान श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के सहयोग से धामों का विकास तेज होगा और आने वाले वर्षों में तीर्थयात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
श्रद्धा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का यह संगम मुकेश अंबानी की यात्रा को विशेष बनाता है। देवभूमि उत्तराखंड में भगवान बदरीविशाल और बाबा केदारनाथ के चरणों में पहुंचकर मुकेश अंबानी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि आध्यात्मिक आस्था और सामाजिक सेवा साथ-साथ चल सकती हैं। यही कारण है कि उनकी यह यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और लोककल्याण की भावना का प्रतीक बन गई है।

















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