राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों के लिए मौसम राहत भरी खबर लेकर आया है। कई दिनों तक भीषण गर्मी और लू का सामना करने के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जबकि कई इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव के कारण अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
हवा में नमी का स्तर अधिकतम 65 प्रतिशत और न्यूनतम 40 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विभाग ने फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 23 जून को भी मौसम सुहावना बना रहेगा। आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा और अधिकतम तापमान 38 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 24 जून को भी बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है। इस दिन अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 25 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। 26 जून को तापमान में मामूली बढ़ोतरी के साथ अधिकतम 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सप्ताह के अंतिम दिन 27 जून को भी मौसम लगभग इसी तरह बना रहेगा और अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही लगातार बनी रहेगी। इससे तेज धूप की तीव्रता कम होगी और लोगों को लू से राहत मिलेगी। हालांकि दिन के समय नमी बढ़ने के कारण उमस महसूस हो सकती है, लेकिन शाम के समय चलने वाली तेज हवाएं और हल्की बारिश मौसम को आरामदायक बनाए रखेंगी। यह बदलाव मानसून के आगमन से पहले की सक्रिय मौसमी परिस्थितियों का संकेत है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तराखंड, हिमाचल और उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक की तैयारी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे तेज हो रही है। दिल्ली-एनसीआर में जून के अंतिम सप्ताह, यानी 26 से 29 जून के बीच मानसून के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। लगातार बढ़ रही नमी, बादलों की सक्रियता और हल्की बारिश इसके शुरुआती संकेत माने जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी मानसून के अगले कुछ दिनों में सक्रिय होने के आसार हैं। पर्वतीय जिलों में पहले से ही प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जून के अंतिम सप्ताह तक पूरे राज्य में मानसून के प्रभावी होने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। हिमाचल प्रदेश में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है। कई ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है और मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून राज्य के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच जाएगा।
इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश में पूर्वी और तराई क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता बढ़ने लगी है। पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी जून के अंतिम सप्ताह तक मानसून के पहुंचने की संभावना है। इसके बाद प्रदेशभर में अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जिससे किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में बड़ी राहत मिलेगी।
इस बार मानसून की प्रगति सामान्य बनी हुई है और अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट आएगी, वहीं जल स्रोतों का स्तर सुधरेगा और कृषि गतिविधियों को भी गति मिलेगी। हालांकि गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की जरूरत होगी। लगातार बदलते मौसम के बीच आने वाले सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

















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