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कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी से बदला मौसम, पीर की गली में जमी बर्फ, मुगल रोड पर थमे वाहनों के पहिए

जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम ने करवट लेते ही सर्दी की दस्तक तेज कर दी है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, जोजिला और पीर की गली समेत कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। मौसम में आए इस बदलाव का असर सड़क यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। पीर की गली के आसपास सड़क पर बर्फ जमने और फिसलन बढ़ने के कारण मुगल रोड पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और पर्यटकों को फिलहाल यात्रा टालने की सलाह दी गई है।

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी रहती है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वालों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। खासकर उन सड़कों पर जोखिम बढ़ जाता है, जहां तापमान गिरने के बाद सड़क की सतह पर बर्फ जमने लगती है। मुगल रोड भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पहाड़ी मार्ग है, जहां बर्फबारी के बाद वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

पीर की गली के आसपास बर्फ जमने से सड़क पर फिसलन बढ़ गई है। ऐसे हालात में वाहन चालकों के लिए गाड़ी पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। सड़क के संकरे और ऊंचाई वाले हिस्सों में यह खतरा और बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए मार्ग पर यातायात रोकने का फैसला लिया गया है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना और यात्रियों की परेशानी से बचा जा सके। मुगल रोड जम्मू क्षेत्र के राजौरी और पुंछ को दक्षिण कश्मीर के शोपियां क्षेत्र से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यह सड़क पीर पंजाल पर्वतमाला से होकर गुजरती है। पहाड़ी भूभाग और अधिक ऊंचाई के कारण यहां मौसम का असर तेजी से दिखाई देता है। सर्दियों में बर्फबारी के चलते इस मार्ग पर यातायात बाधित होना आम बात है। 

ऐसे में सड़क को सुरक्षित बनाए रखने के लिए मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार यातायात संबंधी फैसले लेने पड़ते हैं। इस सीजन की पहली बर्फबारी से जहां ऊंचे पहाड़ी इलाकों का नजारा बदल गया है, वहीं स्थानीय लोगों और यात्रियों के सामने आवागमन की चुनौती भी खड़ी हो गई है। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ जाती है। दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में बारिश के कारण मौसम सुहावना होने के साथ ठंडा भी हो गया है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक महसूस किया जा सकता है।

गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती है। हालांकि, मौसम का यह बदलाव पर्यटन गतिविधियों के साथ सड़क यातायात को भी प्रभावित कर सकता है। पर्यटकों को पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

मौसम सुधरने और बर्फ हटने के बाद खुलेगा मुगल रोड, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

पीर की गली के पास बर्फ जमने और सड़क पर भारी फिसलन होने के कारण मुगल रोड पर फिलहाल यातायात बंद रखा गया है। यात्रियों को इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है। रास्ता खोलने का फैसला मौसम में सुधार और सड़क से बर्फ हटाने का काम पूरा होने के बाद लिया जाएगा। जब तक सड़क पर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है।

पहाड़ी रास्तों पर मौसम का मिजाज तेजी से बदलता है। किसी स्थान पर आसमान साफ होने के बावजूद ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी या सड़क पर जमी बर्फ परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए यात्रियों को केवल सामान्य मौसम पूर्वानुमान के आधार पर यात्रा शुरू नहीं करनी चाहिए। खासकर मुगल रोड से गुजरने की योजना बना रहे लोगों को रवाना होने से पहले संबंधित प्रशासन और यातायात विभाग से मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।

मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर को मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, मौसम साफ होने का अनुमान अपने आप में सड़क खुलने की गारंटी नहीं है। बर्फबारी रुकने के बाद भी सड़क पर जमी बर्फ, कम तापमान और फिसलन के कारण यातायात बहाल करने में समय लग सकता है। मार्ग खोलने से पहले सड़क की स्थिति का आकलन और आवश्यक सफाई करना जरूरी होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान जल्दबाजी न करें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को प्राथमिकता दें। पहाड़ी इलाकों में निजी वाहन से जाने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है, तो बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने या वैकल्पिक रास्ते की जानकारी के बिना यात्रा जारी रखने से बचना चाहिए।

बर्फबारी के दौरान वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखना भी जरूरी है। हालांकि, जहां प्रशासन ने यातायात बंद किया हो, वहां इन सावधानियों के बावजूद आगे बढ़ना सुरक्षित विकल्प नहीं है।

जम्मू-कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी ने सर्दियों के आगमन का संकेत दे दिया है। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के चलते तापमान में बदलाव जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में पहाड़ी मार्गों पर यातायात की स्थिति मौसम पर निर्भर करेगी। फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे मुगल रोड की ताजा स्थिति की पुष्टि किए बिना यात्रा शुरू न करें। मौसम में सुधार और सड़क से बर्फ हटाने के बाद ही इस मार्ग पर आवाजाही बहाल होने की उम्मीद है।

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