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दिल्ली में ब्रिक्स का महामंच तैयार, 26 देशों के नेता जुटेंगे, पुतिन पहुंचे, शी जिनपिंग समेत कई दिग्गज आएंगे 

नई दिल्ली इस समय दुनिया की कूटनीतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन गई है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रीय राजधानी पूरी तरह तैयार है। सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के साथ कई साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शुक्रवार और शनिवार को राजधानी पहुंचेंगे। करीब 26 देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक चुनौतियों, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों का सामना कर रही है। भारत की मेजबानी में होने वाले इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर है। एक ही मंच पर रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया, मिस्र, कजाखस्तान समेत कई देशों के शीर्ष नेता नजर आएंगे। सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने, बहुपक्षवाद को मजबूत करने और विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।

इस बार चर्चा का दायरा केवल पारंपरिक कूटनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक व्यापार और निवेश, तकनीक, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने जैसे विषय भी नेताओं के एजेंडे में प्रमुख रहेंगे। ऐसे में दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन भारत के लिए अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताओं और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूती से सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की औपचारिक गतिविधियों की शुरुआत 12 सितंबर को दोपहर 2:35 बजे सदस्य देशों के नेताओं की बंद कमरे में होने वाली बैठक से होगी। बैठक का मुख्य विषय ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ रखा गया है। इसके जरिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों की अधिक प्रभावी भागीदारी जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।

इसके बाद शाम 4:25 बजे सभी नेता ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी’ का दौरा करेंगे। इस प्रदर्शनी में भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचार और विकास से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठकों का दौर भी चलेगा, जिसमें भारत सहित विभिन्न देशों के नेता आपसी संबंधों, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करेंगे। दिल्ली पहुंचने वाले विदेशी मेहमानों का सिलसिला 10 सितंबर से ही शुरू हो चुका है। ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा 10 सितंबर की रात करीब 9:50 बजे दिल्ली पहुंचे। इसके बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी राजधानी पहुंच गए। पुतिन 10 सितंबर की रात करीब 1:15 बजे भारत पहुंचे और उनके दौरे को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

11 सितंबर को दिल्ली में विदेशी मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला और तेज हो जाएगा। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर बैंक के अध्यक्ष जू जियायी सुबह करीब 8:25 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के करीब 9:05 बजे पहुंचने की जानकारी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस दोपहर करीब 1:25 बजे राजधानी पहुंचेंगे। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के दोपहर करीब 2 बजे पहुंचने की उम्मीद है। इसी समय न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ के भी दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है। नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति कासिम शेट्टिमा दोपहर 2:45 बजे पहुंचेंगे। इसके बाद मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी शाम 5:35 बजे और संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस शेख खालिद मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान शाम 5:50 बजे दिल्ली पहुंचेंगे।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम शाम करीब 6:40 बजे राजधानी पहुंचेंगे। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के शाम 7:30 बजे पहुंचने की जानकारी है। युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो रात करीब 9:15 बजे दिल्ली पहुंचेंगी। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के रात करीब 9 बजे और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के रात करीब 10 बजे पहुंचने का कार्यक्रम है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिल्ला भी शुक्रवार रात करीब 10 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेला के देर रात राजधानी पहुंचने की उम्मीद है। वहीं बुरुंडी के राष्ट्रपति के रात करीब 8:45 बजे दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम बताया गया है।

दिल्ली में कहां ठहरेंगे विदेशी मेहमान, सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजाम

विदेशी मेहमानों के दिल्ली पहुंचने के साथ ही राजधानी के प्रमुख पांच सितारा होटलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए दिल्ली के प्रमुख होटल तैयार किए गए हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ताज होटल में ठहरने की जानकारी है, जबकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आईटीसी मौर्या में ठहरने की व्यवस्था की गई है। 12 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है। उनकी उड़ान दोपहर करीब 12:25 बजे राजधानी पहुंचने की उम्मीद है। 

इसके अलावा वियतनाम के प्रधानमंत्री ली मिन्ह हंग सुबह करीब 11:05 बजे, बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल जयानी दोपहर तक और कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव शाम करीब 4:10 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद के रात करीब 9 बजे पहुंचने का कार्यक्रम है। राजधानी में इन शीर्ष नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। हवाई अड्डे से लेकर होटलों और सम्मेलन स्थल तक सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के दौरान यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

BRICS का यह सम्मेलन भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से भी बेहद अहम है। एक तरफ रूस और चीन जैसे प्रमुख देशों के नेता दिल्ली में मौजूद होंगे, तो दूसरी तरफ वैश्विक दक्षिण के कई देशों के प्रतिनिधि भी एक मंच पर जुटेंगे। ऐसे में सम्मेलन के दौरान होने वाली बैठकों और बातचीत से आने वाले दिनों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और वैश्विक शासन से जुड़े कई अहम फैसलों की दिशा तय होने की उम्मीद है। दिल्ली में तैयार यह महामंच अब दुनिया की नजरों के सामने है और अगले दो दिन भारत की कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

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