भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में मेजबान टीम का दबदबा लगातार कायम है। काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे मुकाबले में इंग्लैंड ने एक बार फिर हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली और सीरीज भी अपने नाम कर ली। बारिश के कारण पहला मुकाबला बेनतीजा रहने के बाद इंग्लैंड ने लगातार तीन मैच जीतकर यह साबित कर दिया कि उसने भारतीय टीम की रणनीति का प्रभावी जवाब तैयार कर रखा है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में मेजबान टीम भारत पर भारी पड़ी। भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी सकारात्मक बात कप्तान श्रेयस अय्यर की शानदार कप्तानी पारी रही।
शुरुआती झटकों के बाद उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जिसके कारण भारतीय टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गई। दूसरी ओर इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बेअसर कर दिया। कप्तान हैरी ब्रूक और फिलिप साल्ट ने आक्रामक बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया कि भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में विकेट के लिए संघर्ष करते नजर आए। दोनों बल्लेबाजों ने न केवल तेजी से रन बनाए बल्कि भारत की वापसी की हर उम्मीद भी खत्म कर दी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 48 रन के स्कोर तक अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को संभालने का प्रयास किया।
उन्होंने पहले शिवम दुबे के साथ चौथे विकेट के लिए 43 गेंदों में 53 रन की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला। शिवम दुबे 23 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन अय्यर एक छोर पर डटे रहे। इसके बाद उन्होंने तिलक वर्मा के साथ 29 रन और वाशिंगटन सुंदर के साथ 27 रन की उपयोगी साझेदारी निभाई। भारतीय कप्तान ने परिस्थिति के अनुरूप बल्लेबाजी करते हुए अंत तक विकेट नहीं गंवाया और 49 गेंदों में 80 रन की शानदार नाबाद पारी खेली। उनकी पारी में 4 चौके और 5 शानदार छक्के शामिल रहे। अय्यर की इस संघर्षपूर्ण पारी की बदौलत भारत निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 158 रन तक पहुंचने में सफल रहा। इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट हासिल किए। वहीं विल जैक्स और अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने एक-एक विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में रन गति पर प्रभावी नियंत्रण रखा, जिसका असर भारत के अंतिम स्कोर पर साफ दिखाई दिया।
ब्रूक और साल्ट ने 68 गेंदों में जोड़े 146 रन, भारत के गेंदबाज रहे पूरी तरह बेअसर
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को शुरुआती झटका जरूर लगा। सलामी बल्लेबाज जोस बटलर केवल 8 रन बनाकर अर्शदीप सिंह का शिकार बने और 2.3 ओवर में इंग्लैंड का पहला विकेट गिर गया। उस समय ऐसा लगा कि भारत मुकाबले में वापसी कर सकता है, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने मैच का पूरा रुख बदल दिया। कप्तान हैरी ब्रूक और फिलिप साल्ट ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और किसी भी गेंदबाज को लय बनाने का मौका नहीं दिया।
तेज गेंदबाज हों या स्पिनर, दोनों ने सभी के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की। देखते ही देखते दोनों के बीच शतकीय साझेदारी पूरी हो गई और भारत की जीत की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गईं। ब्रूक और साल्ट ने दूसरे विकेट के लिए केवल 68 गेंदों में नाबाद 146 रन की विस्फोटक साझेदारी की। कप्तान हैरी ब्रूक ने 35 गेंदों में 79 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। वहीं फिलिप साल्ट ने भी शानदार साथ निभाते हुए 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके शामिल रहे और उन्होंने लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए ब्रूक का बेहतरीन साथ दिया। इंग्लैंड ने लक्ष्य को महज 13.5 ओवर में हासिल कर लिया और 9 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। भारतीय गेंदबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फीकी नजर आई।
अर्शदीप सिंह ही एकमात्र गेंदबाज रहे जिन्हें सफलता मिली। उन्होंने 3.5 ओवर में 41 रन देकर जोस बटलर का विकेट हासिल किया। इसके अलावा कोई भी भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं हो सका। बारिश के कारण पहला टी20 मुकाबला रद्द होने के बाद इंग्लैंड ने दूसरे मैच में 4 विकेट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद नॉटिंघम में खेले गए तीसरे मुकाबले में उसने भारत को 125 रन से हराकर श्रृंखला में मजबूत बढ़त बना ली थी। अब चौथे मैच में मिली 9 विकेट की शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की श्रृंखला पर 3-0 से कब्जा जमा लिया है। अब दोनों टीमों के बीच श्रृंखला का पांचवां और अंतिम मुकाबला 11 जुलाई को साउथैम्पटन में खेला जाएगा। भारत की कोशिश सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की होगी, जबकि इंग्लैंड अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए श्रृंखला का समापन एक और जीत के साथ करना चाहेगा।

















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