मजबूत टीम और स्किल पर जोर, अदाणी समूह में बड़े बदलाव, कर्मचारियों और कामकाज के तरीके में आएगा नया दौर 

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कंपनी में बड़े बदलावों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि समूह अब काम करने के तरीके को और तेज, सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका मकसद है कि फैसले जल्दी हों, काम में देरी कम हो और कर्मचारियों को आगे बढ़ने के ज्यादा मौके मिलें। अदाणी ने अपने संबोधन में कहा कि कंपनी अब “थ्री-लेयर मॉडल” अपनाने जा रही है। इसका मतलब है कि संगठन में स्तर (लेयर) कम किए जाएंगे, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। उन्होंने साफ कहा, “हम चाहते हैं कि जो फैसले अभी तीन दिन में होते हैं, वे सिर्फ तीन घंटे में हो जाएं।” उनके इस बयान से साफ है कि कंपनी अब गति और दक्षता पर ज्यादा ध्यान देना चाहती है। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे-जैसे कंपनी बड़ी होती है, वैसे-वैसे फैसले लेने में ज्यादा समय लगने लगता है। इस समस्या को दूर करने के लिए यह नया मॉडल अपनाया जा रहा है, जिससे जिम्मेदारी भी साफ होगी और काम तेजी से आगे बढ़ेगा। 

अदाणी के मुताबिक, कम स्तर होने से टीमों के बीच संवाद बेहतर होगा और काम में नई ऊर्जा आएगी।

इसके साथ ही उन्होंने “पार्टनरशिप मॉडल” की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अभी कई प्रोजेक्ट्स में 100 से ज्यादा ठेकेदार एक साथ काम करते हैं, जिससे समन्वय में दिक्कत होती है। इसे बदलते हुए अब कंपनी कम लेकिन भरोसेमंद पार्टनर्स के साथ काम करेगी। इससे प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी और काम जल्दी और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। अदाणी ने कर्मचारियों के विकास पर भी खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी चाहती है कि हर कर्मचारी लगातार सीखता रहे और आगे बढ़े। इसके लिए “अदाणी ट्रेनिंग अकादमी” शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को नई स्किल्स सिखाना और उनके करियर को आगे बढ़ाना है। उन्होंने समझाया कि कंपनी में हर व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने का रास्ता साफ होना चाहिए। अगर कोई कर्मचारी अभी अकुशल है, तो उसे अर्ध-कुशल बनाया जाए, फिर कुशल और आगे चलकर उसे सुपरवाइजर या मैनेजर बनने का मौका मिले। इस तरह कंपनी अपने कर्मचारियों को ही भविष्य के लीडर के रूप में तैयार करना चाहती है। 

अदाणी ने यह भी कहा कि ये तीनों बदलाव तेजी से फैसले लेना, मजबूत पार्टनरशिप और कर्मचारियों का विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर इनमें से कोई एक भी कमजोर रहा, तो कंपनी की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अपने संबोधन में देश के विकास का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह काम किसी एक व्यक्ति से नहीं होगा। इसके लिए पूरे देश को मिलकर काम करना होगा। अदाणी समूह, जो पोर्ट से लेकर पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर तक कई क्षेत्रों में काम करता है, इस समय तेजी से विस्तार कर रहा है। अदाणी ने बताया कि कंपनी ने अपने पहले 35 सालों में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां बनाई थीं, लेकिन अब वह एक ही साल में इतना निवेश करने की योजना बना रही है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत का नतीजा है।

बड़े प्रोजेक्ट्स, कर्मचारियों पर फोकस और देश के विकास में भूमिका

अदाणी ने अपने संबोधन में समूह के बड़े प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मुंद्रा पोर्ट, केरल का विझिनजम पोर्ट, गुजरात के खवड़ा में बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसे प्रोजेक्ट्स देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इन्हें “राष्ट्र निर्माण” के उदाहरण के तौर पर पेश किया। सामाजिक विकास की बात करते हुए अदाणी ने मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट बताया। अदाणी ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

कर्मचारियों के लिए कंपनी कई नई योजनाओं पर भी काम कर रही है।

इसमें स्थानीय लोगों को रोजगार देना, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम बढ़ाना और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाएं देना शामिल है। अदाणी समूह मुंद्रा और खवड़ा में करीब 50,000 कर्मचारियों के लिए एयर-कंडीशंड आवास बनाने की योजना बना रहा है। इसके अलावा मुंद्रा में एक बड़ी रसोई भी बनाई जाएगी, जहां रोजाना एक लाख लोगों के लिए खाना तैयार किया जा सकेगा। अपनी कंपनी के सफर को याद करते हुए अदाणी ने कहा कि उन्होंने 20 लोगों की छोटी टीम से शुरुआत की थी और आज समूह में 4 लाख से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही वह हर कर्मचारी का नाम याद न रख पाएं, लेकिन उनका जुड़ाव सभी से मजबूत है। अंत में उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर योगदान मायने रखता है, चाहे वह छोटा हो या बड़ा। उन्होंने कर्मचारियों को “राष्ट्र निर्माता” बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत से ही देश आगे बढ़ रहा है। इस तरह अदाणी समूह का यह नया प्लान सिर्फ कंपनी की ग्रोथ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों को मजबूत बनाना और देश के विकास में बड़ा योगदान देना भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *