पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में आरोप-प्रत्यारोप के बीच कई जगह हिंसा, गड़बड़ी की शिकायतें, भाजपा और टीएमसी समर्थक भिड़े 

श्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 142 सीटों पर मतदान जारी है और दोपहर 3 बजे तक 78.68% वोटिंग दर्ज की गई है। शुरुआती घंटों से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला, लेकिन इसके साथ ही कई इलाकों से हिंसा, विवाद और गड़बड़ी की खबरें भी सामने आई हैं। चुनावी माहौल के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि CRPF निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय एक खास राजनीतिक दल के हित में काम कर रही है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान ममता ने कहा कि कई मतदान केंद्रों पर बंगाल पुलिस की मौजूदगी नहीं है और CRPF ने पूरी तरह नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि “कल रात से ही CRPF का रवैया आक्रामक रहा है। हमारे कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। 

वोटरों को डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है। यहां तक कि महिलाओं और बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार की शिकायतें मिली हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बलों का काम सीमाओं की सुरक्षा करना है, लेकिन वे यहां एक पार्टी की सुरक्षा में लगे हुए हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने भी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र के फालता में EVM से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मशीन में उनके चुनाव चिह्न के बटन पर टेप लगाया गया था, जिससे मतदाता वोट नहीं डाल पा रहे थे। इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि जिन भी मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायतें सही पाई जाएंगी, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी को मतदान केंद्र के पास टीएमसी समर्थकों ने घेरा 

इस बीच भवानीपुर सीट पर भी तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। यहां भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी को एक मतदान केंद्र के पास टीएमसी समर्थकों ने घेर लिया। इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी की गई और माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, सुरक्षाबलों ने स्थिति को संभाल लिया और किसी बड़े टकराव से बचाव हो गया। राज्य के कई अन्य इलाकों से भी हिंसा, झड़प, लाठीचार्ज और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की खबरें आई हैं। कुछ स्थानों पर मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। वहीं, कुछ जगहों पर मतदाताओं को डराने और प्रभावित करने के आरोप भी लगे हैं। चुनाव के इस चरण में जिन 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से 123 सीटों पर 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। ऐसे में इस चरण को TMC के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है, जबकि भाजपा इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन कर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।

इससे पहले 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 93% वोटिंग दर्ज की गई थी। 

उच्च मतदान प्रतिशत को लोकतंत्र के प्रति जनता की भागीदारी का संकेत माना जा रहा है, लेकिन लगातार सामने आ रही हिंसा और विवाद की घटनाएं चुनावी प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े कर रही हैं। चुनाव आयोग और प्रशासन ने मतदाताओं से शांति बनाए रखने और बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। ड्रोन और CCTV के जरिए निगरानी भी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। दूसरे चरण का मतदान राज्य की चुनावी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में, जहां पिछले चुनाव में TMC का दबदबा रहा है, वहां भाजपा की चुनौती कितनी प्रभावी रहती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि मतदाताओं ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है। फिलहाल, दूसरे चरण का मतदान जारी है और प्रशासन की कोशिश है कि दिन के अंत तक यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

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