आरईसी लिमिटेड ने आरडीएसएस के तहत गुणवत्ता आश्वासन को मजबूत करने के लिए सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

आरईसी लिमिटेड, भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत एक ‘महारत्न’ कंपनी, ने मंगलवार को गुरुग्राम में कॉर्पोरेट ऑफिस में सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत इस्तेमाल होने वाले मटीरियल की क्वालिटी टेस्टिंग और एश्योरेंस सिस्टम को मजबूत करना है।

इस एमओयू पर आरईसी के पीएमडी क्वालिटी के जीएम और एचओडी, श्री योगेंद्र सिंह और सीपीआरआई के जॉइंट डायरेक्टर (बीएड और सीबीएस डिवीज़न), श्री एम.जी. आनंदकुमार ने हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर समारोह में आरईसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (पीएमडी), श्री प्रिंस धवन (आईएएस), सीपीआरआई की जॉइंट डायरेक्टर, डॉ. नेहा अधिकारी और दोनों संगठनों के अधिकारी मौजूद थे।

इस समझौते के तहत, आरईसी और सीपीआरआई मिलकर आरडीएसएस प्रोजेक्ट के मटीरियल की थर्ड-पार्टी क्वालिटी टेस्टिंग, टेक्निकल सपोर्ट, क्षमता-निर्माण की पहल और मज़बूत क्वालिटी फ्रेमवर्क विकसित करने का काम करेंगे। यह साझेदारी यह पक्का करने में मदद करेगी कि आरडीएसएस के कामों में इस्तेमाल होने वाला मटीरियल तय मानकों के अनुसार हो और इससे पूरे देश में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की ऑपरेशनल विश्वसनीयता बेहतर हो सके।

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