महिला टी-20 विश्व कप में गुरुवार का दिन बेहद अहम रहने वाला है। ग्रुप-ए की तस्वीर साफ करने वाले दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे, लेकिन सबसे ज्यादा निगाहें भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले मैच पर टिकी हैं। मैनचेस्टर में शाम 7 बजे से शुरू होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो की स्थिति लेकर आया है। दूसरी ओर, रात 11 बजे ब्रिस्टल में दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड आमने-सामने होंगे। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तीनों को अपने-अपने मैच जीतना जरूरी है। ग्रुप-ए में रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। भारत, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश तीनों के तीन-तीन मैचों के बाद चार-चार अंक हैं। ऐसे में अंतिम लीग मुकाबले ही तय करेंगे कि सेमीफाइनल का टिकट किसे मिलेगा। नीदरलैंड की टीम पहले ही अंतिम चार की दौड़ से बाहर हो चुकी है, इसलिए उसका मुकाबला अब सिर्फ सम्मान बचाने का होगा। भारत के सामने इतिहास भी उसके पक्ष में खड़ा दिखाई देता है।
महिला टी-20 विश्व कप के इतिहास में बांग्लादेश की टीम अब तक भारत को नहीं हरा सकी है। दोनों टीमों के बीच खेले गए तीनों विश्व कप मुकाबलों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। अगर समग्र टी-20 रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भी भारत का दबदबा साफ दिखाई देता है। दोनों देशों के बीच अब तक 23 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 20 मुकाबले जीते हैं, जबकि बांग्लादेश को सिर्फ तीन बार सफलता मिली है। हालांकि, बड़े टूर्नामेंटों में आंकड़े हमेशा जीत की गारंटी नहीं होते। बांग्लादेश की टीम इस बार बेहतर संतुलन के साथ मैदान पर उतरेगी और भारत को किसी भी तरह की ढिलाई भारी पड़ सकती है। खासकर तब, जब दांव सीधे सेमीफाइनल के टिकट पर लगा हो। भारतीय टीम की बल्लेबाजी में इस विश्व कप के दौरान स्मृति मंधाना सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी हैं।
बाएं हाथ की यह स्टार बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने तीन मैचों में 154.36 की स्ट्राइक रेट से 159 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 74 रन रहा है। मंधाना की आक्रामक शुरुआत भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। गेंदबाजी विभाग में श्री चरणी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ी है। वह अब तक विश्व कप की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं। तीन मैचों में 10 विकेट लेने वाली चरणी ने विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया है। उनकी इकोनॉमी 5.33 रही है, जो टी-20 प्रारूप में बेहद प्रभावशाली मानी जाती है। एक मैच में 19 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
भारत की एक और प्रमुख बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स पर भी नजर रहेगी। हालांकि इस विश्व कप में उनका बल्ला अब तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है और वह तीन मैचों में केवल 32 रन ही बना सकी हैं। इसके बावजूद टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। खास बात यह है कि स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ जेमिमा का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। वर्ष 2025 से अब तक स्पिनरों के खिलाफ टी-20 क्रिकेट में उनका औसत 40.85 और स्ट्राइक रेट 143.71 रहा है। बांग्लादेशी आक्रमण में स्पिन गेंदबाजों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए जेमिमा की बल्लेबाजी निर्णायक साबित हो सकती है।
स्पिनरों की भूमिका बढ़ाएगी मुकाबले का रोमांच
मैनचेस्टर की परिस्थितियां भी इस मुकाबले को दिलचस्प बनाने वाली हैं। इस विश्व कप में यहां खेले गए मुकाबलों के आंकड़े बताते हैं कि स्पिन गेंदबाजों को तेज गेंदबाजों की तुलना में अधिक सफलता मिली है। मैदान पर अब तक स्पिनरों ने 22 विकेट हासिल किए हैं, जबकि पेसर्स के खाते में 19 विकेट आए हैं। इतना ही नहीं, स्पिन गेंदबाजों की इकोनॉमी रेट भी बेहतर रही है, जिससे स्पष्ट है कि बल्लेबाजों के लिए धीमी गेंदों को खेलना आसान नहीं रहा। इन परिस्थितियों को देखते हुए दोनों टीमें अपनी अंतिम एकादश में अतिरिक्त स्पिनर को मौका दे सकती हैं। भारतीय टीम में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि प्रेमा रावत की जगह अनुभवी स्पिनर राधा यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। राधा का अनुभव और दबाव के क्षणों में विकेट निकालने की क्षमता भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
दूसरी तरफ बांग्लादेश की उम्मीदें जुआरिया फिरदौस और संजीदा अख्तर मेघला पर टिकी होंगी। जुआरिया ने इस विश्व कप में टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने तीन मैचों में 65 रन बनाए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 50 रन रहा है। यदि बांग्लादेश को बड़ा स्कोर खड़ा करना है या लक्ष्य का पीछा करना है, तो जुआरिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। गेंदबाजी में संजीदा अख्तर मेघला टीम की प्रमुख हथियार हैं। उन्होंने दो मैचों में चार विकेट लिए हैं और उनकी इकोनॉमी 6.25 रही है।
मेघला नई गेंद और मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता रखती हैं, जिससे भारतीय बल्लेबाजों को सतर्क रहना होगा। यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि सेमीफाइनल की उम्मीदों के बीच की जंग है। भारत के पास अनुभव, रिकॉर्ड और मौजूदा फॉर्म का फायदा है, लेकिन बांग्लादेश के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। ऐसे में मैनचेस्टर में क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक और उच्च दबाव वाला मुकाबला देखने को मिल सकता है, जहां एक जीत किसी टीम को अंतिम चार के करीब पहुंचाएगी, जबकि हार उसके अभियान पर लगभग विराम लगा सकती है।

















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