शिक्षा और प्रतिस्पर्धा के बढ़ते दौर में जहां लाखों छात्र अपने सपनों को साकार करने के लिए कठिन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, वहीं कई बार परीक्षा केंद्र तक पहुंचना भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। खासकर पहाड़ी राज्यों में रहने वाले विद्यार्थियों को लंबी दूरी, सीमित परिवहन सुविधाओं और अतिरिक्त खर्च जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहतभरा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि नीट-2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी।
यह सुविधा 20 जून से 22 जून तक उपलब्ध रहेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले हजारों छात्रों को आर्थिक और मानसिक राहत मिलेगी तथा वे बिना किसी तनाव के अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब राज्य के विभिन्न जिलों के विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। कई छात्रों को अपने घरों से कई घंटे पहले निकलना पड़ता है, जबकि कुछ को एक जिले से दूसरे जिले तक यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में परिवहन खर्च भी अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त बोझ बन जाता है। सरकार का यह फैसला न केवल विद्यार्थियों को राहत देगा बल्कि परीक्षा के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा।
परिवहन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के निर्देशों पर एचआरटीसी मुख्यालय ने प्रदेश की सभी इकाइयों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। निगम के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नीट अभ्यर्थियों को निर्धारित अवधि के दौरान मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। सरकार के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को केवल अपना नीट-2026 का एडमिट कार्ड साथ रखना होगा। एडमिट कार्ड ही उनकी पहचान, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में मान्य होगा। इसके आधार पर अभ्यर्थी अपने निकटतम बस स्टॉप से परीक्षा केंद्र तक जाने और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस घर लौटने के लिए निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। राज्य सरकार का यह कदम केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के प्रति संवेदनशील शासन व्यवस्था का भी उदाहरण माना जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर पहले से ही पढ़ाई और प्रदर्शन का दबाव रहता है। ऐसे में यदि यात्रा और खर्च जैसी चिंताएं कम हो जाएं तो वे पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
अभिभावकों और छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अनेक विद्यार्थी दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों से आते हैं, जहां से परीक्षा केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं होता। सरकार ने छात्रों और उनके अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। उनका कहना है कि किसी भी छात्र को केवल परिवहन संबंधी कठिनाइयों के कारण परीक्षा देने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सभी अभ्यर्थी बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ और तनाव के परीक्षा में शामिल हों।
शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। एचआरटीसी को दिए गए निर्देशों के अनुसार, यह सुविधा केवल निगम की साधारण बस सेवाओं में उपलब्ध होगी। बस परिचालकों और संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षा के दिनों में छात्रों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। यदि किसी मार्ग पर परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होती है तो वहां अतिरिक्त व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को यात्रा और बुनियादी सुविधाओं में सहयोग देने से उनकी भागीदारी बढ़ती है और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर प्राप्त होते हैं। हिमाचल प्रदेश में हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए नीट परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी गई यह विशेष सुविधा विद्यार्थियों के लिए किसी प्रोत्साहन से कम नहीं है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सभी नीट-2026 अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। सरकार का यह कदम न केवल छात्रों को राहत देगा बल्कि यह संदेश भी देगा कि राज्य उनके भविष्य और शिक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है।

















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