हिमाचल प्रदेश में दर्दनाक सड़क हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे लोगों की बोलेरो 500 मीटर गहरी खाई में गिरी, सात की मौत

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने सात परिवारों की खुशियां छीन लीं। पुखरी क्षेत्र के अंतर्गत चंबा-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के पास एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वाहन में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं, तीन पुरुष और वाहन चालक शामिल हैं। हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कुठेड़ के महल गांव और सपरोठ क्षेत्र के निवासी काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी लोग देर रात बोलेरो वाहन में सवार होकर अपने घर लौट रहे थे।

रास्ते में छतरूंड के समीप अचानक वाहन चालक संतुलन खो बैठा और वाहन सड़क से नीचे गहरी खाई में लुढ़क गया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि वाहन कई बार पलटते हुए खाई की तलहटी तक पहुंच गया। घटना रात के समय हुई, जिसके कारण दुर्घटना का तुरंत पता नहीं चल सका। हालांकि कुछ स्थानीय लोगों ने जोरदार आवाज सुनने के बाद घटनास्थल की ओर रुख किया और हादसे की सूचना प्रशासन व पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अंधेरा और खाई की अत्यधिक गहराई राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी बाधा बनी।

इसके बावजूद पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर अभियान चलाया और घंटों की मशक्कत के बाद सभी शवों को खाई से बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में किसी के भी बचने की संभावना नहीं थी क्योंकि वाहन बेहद गहरी खाई में गिरा था। सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हादसे की सूचना मिलते ही महल और आसपास के गांवों में मातम छा गया। जिस मुंडन संस्कार में लोग खुशी और उत्सव का हिस्सा बनने गए थे, उसी कार्यक्रम से लौटते समय उनकी जिंदगी का सफर समाप्त हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर तरफ शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

पहाड़ी सड़कों पर फिर उठे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल

चंबा समेत हिमाचल प्रदेश के कई पहाड़ी जिलों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। प्रदेश की अधिकांश सड़कें संकरी, घुमावदार और तीव्र ढलानों वाली हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारें और क्रैश बैरियर भी पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं हैं, जिसके कारण जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंबा-मसरूंड मार्ग पर कई स्थान ऐसे हैं जहां सड़क बेहद संकरी है और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वाहन के अनियंत्रित होने, सड़क की स्थिति अथवा चालक द्वारा नियंत्रण खोने के कारण हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा। मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। वहीं पूरे क्षेत्र के लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। बेहतर सड़क ढांचा, मजबूत सुरक्षा बैरियर, नियमित रखरखाव और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूकता ही ऐसी दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल सात लोगों की असमय मौत ने पूरे चंबा जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है और उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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