हिमाचल में बरसे बादल, राजधानी शिमला सहित कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में मानसून की औपचारिक दस्तक से पहले ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी शिमला में मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और देखते ही देखते आसमान काले बादलों से घिर गया। करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। कुछ ही देर में सड़कों पर पानी भर गया और कई मार्ग छोटे-छोटे दरियाओं में तब्दील नजर आए। शहर के नालों में तेज बहाव के साथ बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने पहले ही शिमला सहित चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की थी, जो काफी हद तक सही साबित होती दिखाई दी।

सुबह से दोपहर तक मौसम पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप खिली रही। लोग सामान्य दिनचर्या में व्यस्त थे, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ घने बादल छाए और कुछ ही समय में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। 

बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 72 घंटों के लिए शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में तेज आंधी और तूफान की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट भी लागू किया गया है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम और अधिक सक्रिय हो सकता है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के कुछ इलाकों में भारी ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं अगले तीन दिनों तक तेज हवाओं और गर्जन के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसको देखते हुए प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के आसपास न जाने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। मंडी जिले के कटौला में सबसे अधिक 60.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मंडी में 37.2 मिलीमीटर, जोगेंद्रनगर में 16.0 मिलीमीटर, पंडोह में 15.8 मिलीमीटर, भुंतर में 8.6 मिलीमीटर, रामपुर में 3.3 मिलीमीटर और कुफरी में 3.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडक भी बढ़ गई है।

22 जून तक बारिश के आसार, मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी

मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। हालांकि लगातार हो रही बारिश के बावजूद इस बार मानसून की औपचारिक एंट्री सामान्य समय से कुछ देर से हो सकती है। वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। सामान्य तौर पर हिमाचल प्रदेश में मानसून 22 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस वर्ष इसकी रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून कुछ दिनों की देरी से हिमाचल पहुंच सकता है। मानसून के आने से पहले ही प्रदेश में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। 

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 10 जून से 17 जून के बीच हिमाचल प्रदेश में सामान्य रूप से 24.3 मिलीमीटर वर्षा होती है, जबकि इस बार इसी अवधि में 27.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। यह सामान्य से करीब 15 प्रतिशत अधिक है। इससे साफ है कि मानसून पूर्व गतिविधियां इस बार काफी सक्रिय बनी हुई हैं। लगातार बारिश का असर प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। बारिश के बाद मौसम बेहद सुहावना और ठंडा हो गया है, जिससे पर्यटकों को राहत मिली है। राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मनाली में 26.4 डिग्री, कुफरी में 18.9 डिग्री और नारकंडा में 18 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। तापमान में आई गिरावट और पहाड़ों पर छाए बादलों ने प्राकृतिक सुंदरता को और निखार दिया है। गर्मी से राहत पाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल पहुंच रहे हैं। 

शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा जैसे पर्यटन स्थलों पर लोग सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने पर्यटकों से भी सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। फिलहाल हिमाचल प्रदेश में मौसम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों सभी को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।

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