अभिजीत दीपके को बड़ा झटका, कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया पर दो लाख समर्थक हुए कम

शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी को एक साथ दो मोर्चों पर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जयपुर में पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ हुई मारपीट की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक माध्यम मंच पर पार्टी के समर्थकों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 16 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के सामाजिक माध्यम मंच पर 2 करोड़ 25 लाख अनुयायी दर्ज किए गए, जबकि 7 जून को यह संख्या 2 करोड़ 27 लाख थी। इस तरह नौ दिनों के भीतर पार्टी के लगभग दो लाख अनुयायी कम हो गए हैं। हालांकि इसके बावजूद पार्टी का दावा है कि उसे देशभर के युवाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है और आंदोलन लगातार विस्तार कर रहा है। 

दिल्ली में 6 जून को पार्टी के पहले बड़े प्रदर्शन से पहले उसके सामाजिक माध्यम मंच पर लगभग 2 करोड़ 21 लाख अनुयायी थे। इसके बाद 24 घंटे के भीतर यह संख्या तेजी से बढ़कर 2 करोड़ 27 लाख तक पहुंच गई थी। उस समय पार्टी को लेकर युवाओं में उत्साह और जिज्ञासा दोनों देखने को मिली थी। लेकिन अब पहली बार उसके अनुयायियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। किसी भी नए जनआंदोलन या संगठन के साथ शुरुआती दौर में बड़ी संख्या में लोग जुड़ते हैं, लेकिन समय के साथ समर्थन का वास्तविक आधार सामने आने लगता है। कॉकरोच जनता पार्टी के मामले में भी कुछ ऐसा ही परिदृश्य देखने को मिल रहा है। हालांकि पार्टी नेतृत्व इसे सामान्य उतार-चढ़ाव बता रहा है और दावा कर रहा है कि आंदोलन का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है। इस बीच आज पार्टी ने अपना अगला बड़ा प्रदर्शन महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित करने का निर्णय लिया है। नागपुर के संविधान चौक पर मंगलवार शाम चार बजे प्रदर्शन प्रस्तावित है। 

प्रदर्शन से पहले दोपहर बारह बजे अभिजीत दीपके पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे और आंदोलन की आगामी रणनीति की जानकारी देंगे। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार जवाब देने में विफल रही है। इसी कारण शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। नागपुर प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस को आशंका है कि बड़ी संख्या में युवा संविधान चौक पहुंच सकते हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार दो हजार से अधिक लोगों की भागीदारी संभव है। इसे देखते हुए शहर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

राजस्थान की राजधानी जयपुर की घटना ने बढ़ाई राजनीतिक और सामाजिक चर्चा

नागपुर प्रदर्शन से पहले सोमवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में पार्टी का प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बन गया। एमआई रोड स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के कंधों पर सवार होकर लोगों का अभिवादन कर रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक भीड़ को चीरते हुए उनके पास पहुंचे और कथित तौर पर उनका कॉलर पकड़कर थप्पड़ मार दिए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने हमलावरों को घेर लिया और उनकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और संबंधित युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने रोहित शर्मा, राकेश गुर्जर, अजय शर्मा, कुलदीप सिंह शेखावत और निकेत नामक युवकों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अभिजीत दीपके के कुछ बयानों और पार्टी की कार्यप्रणाली से नाराज थे। 

इसी नाराजगी के कारण उन्होंने विरोध का यह तरीका अपनाया। घटना के बाद अभिजीत दीपके ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील भी की। जयपुर कार्यक्रम के दौरान दीपके ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले से प्रभावित छात्रों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन भी रखवाया। इसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ और कार्यक्रम आगे बढ़ सका। 

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक न्यायिक टिप्पणी के बाद हुई थी। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी व्यापक चर्चा का विषय बनी। इसके अगले दिन 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक अभियान शुरू किया और विभिन्न सामाजिक माध्यम मंचों पर इसके खाते बनाए। इसके बाद 22 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। पार्टी का दावा है कि इस अभियान को आठ लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिला। 

स्थापना के केवल 26 दिनों के भीतर पार्टी ने सामाजिक माध्यमों पर असाधारण लोकप्रियता हासिल की। उसके अनुयायियों की संख्या 2 करोड़ 27 लाख तक पहुंच गई, जो देश के कई स्थापित राजनीतिक दलों के सामाजिक माध्यम आधार से अधिक बताई जा रही है। हालांकि हाल के दिनों में दो लाख अनुयायियों की कमी ने पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब सभी की निगाहें नागपुर प्रदर्शन पर टिकी हैं। यह प्रदर्शन तय करेगा कि जयपुर की घटना और सामाजिक माध्यमों पर घटते समर्थन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी अपने आंदोलन की रफ्तार बनाए रख पाती है या नहीं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि नागपुर का कार्यक्रम पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ जनसमर्थन की वास्तविक परीक्षा भी साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *