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तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने पलटा मैच, न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने सीरीज में बनाई 2-0 की बढ़त

क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में भारतीय क्रिकेट टीम ने ऐसा पलटवार किया कि न्यूजीलैंड के हाथों से जीत निकल गई। 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय छह विकेट गंवाकर संकट में फंसी टीम इंडिया ने तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी की शानदार बल्लेबाजी के दम पर चार विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। दोनों बल्लेबाजों ने दबाव में संयम बनाए रखते हुए सातवें विकेट के लिए नाबाद 69 रन की साझेदारी की और भारत को एक गेंद शेष रहते लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 180 रन बनाए थे। भारतीय टीम के सामने 181 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था, लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से मुकाबला मेजबान टीम के पक्ष में जाता दिखाई देने लगा। ऐसे समय में तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने जिम्मेदारी संभाली और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया।

न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि बेवोन जैकब्स ने 58 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया। फिलिप्स ने अपनी पारी के दौरान आक्रामक अंदाज दिखाया और भारतीय गेंदबाजों को आसानी से रन बनाने से रोकने नहीं दिया। दूसरी ओर जैकब्स ने भी उपयोगी योगदान देते हुए टीम के स्कोर को मजबूती प्रदान की। भारतीय गेंदबाजों के सामने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोकने की चुनौती थी। अर्शदीप सिंह ने दो विकेट लेकर भारतीय टीम को अहम सफलता दिलाई। हालांकि, न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में तेजी से रन जुटाए और भारतीय टीम के सामने कठिन लक्ष्य रख दिया। पारी के अंतिम क्षणों में माइकल ब्रेसवेल ने केवल दो गेंदों पर 10 रन बनाकर स्कोर को और मजबूत करने की कोशिश की। न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 180 रन बनाए, जिसके बाद भारतीय टीम को जीत के लिए 181 रन की जरूरत थी।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को इस मुकाबले में एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी। शुरुआत के बाद भारतीय बल्लेबाजी पर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। विकेट गिरने का सिलसिला ऐसा चला कि टीम इंडिया 112 रन तक पहुंचते-पहुंचते छह विकेट गंवा चुकी थी। इस स्थिति में भारतीय टीम के लिए जीत की राह मुश्किल नजर आने लगी। न्यूजीलैंड के कप्तान मिशेल सेंटनर ने भारतीय मध्यक्रम को परेशान किया और अहम विकेट लेकर मुकाबले को अपनी टीम की ओर मोड़ने का प्रयास किया। लगातार विकेट गिरने से भारतीय खेमे पर दबाव बढ़ गया था। लक्ष्य अभी भी काफी दूर था और बल्लेबाजी क्रम के कई प्रमुख खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में भारतीय टीम को ऐसी पारी की जरूरत थी, जो न केवल रन गति को बनाए रखे, बल्कि विकेट बचाकर लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता भी तैयार करे।

इसी मुश्किल घड़ी में नमन धीर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को संभालने की कोशिश की। उन्होंने महज 17 गेंदों पर 31 रन बनाए। उनकी इस पारी ने भारत की उम्मीदों को जिंदा रखा और टीम को मुकाबले में बने रहने का मौका दिया। हालांकि, असली जिम्मेदारी अब तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी के कंधों पर थी। दोनों बल्लेबाजों ने परिस्थितियों को समझते हुए पहले पारी को संभाला और फिर जरूरत के मुताबिक बड़े शॉट लगाने शुरू किए। तिलक ने जहां एक छोर पर टिककर बल्लेबाजी की, वहीं नीतीश ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। दोनों के बीच तालमेल शानदार रहा। उन्होंने जोखिम भरे शॉट खेलने के बजाय सही गेंदों का इंतजार किया और खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुंचाया। इस साझेदारी ने मुकाबले में भारतीय टीम की वापसी की नींव रख दी।

तिलक का अर्धशतक, नीतीश का साथ और आखिरी ओवर में रोमांचक जीत

तिलक वर्मा ने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए, जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी पारी में आक्रामकता के साथ-साथ परिस्थितियों को समझने की परिपक्वता भी नजर आई। तिलक ने एक छोर संभालकर रखा और भारतीय टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरे छोर पर नीतीश कुमार रेड्डी ने भी उनका बेहतरीन साथ दिया। नीतीश ने केवल 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। उनकी तेज पारी ने भारत की रन गति को बढ़ाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के सामने मुश्किल खड़ी कर दी। सातवें विकेट के लिए दोनों बल्लेबाजों ने 69 रन की अविजित साझेदारी की। यही साझेदारी मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई। जब भारतीय टीम के छह विकेट गिर चुके थे, तब इस जोड़ी ने न केवल पारी को संभाला, बल्कि जीत की उम्मीद को भी मजबूत कर दिया।

मुकाबले का रोमांच आखिरी ओवर तक बना रहा। भारतीय टीम को जीत के लिए अंतिम क्षणों में तेजी से रन जुटाने थे और न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी मुकाबले को अपने पक्ष में रखने की पूरी कोशिश कर रहे थे। तिलक और नीतीश ने दबाव में अपना धैर्य नहीं खोया। दोनों ने रन बनाने के मौके तलाशे और भारत को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया। आखिरकार 19.5 ओवर में नीतीश कुमार रेड्डी ने चौका लगाकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। भारतीय टीम ने 19.5 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया और चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। छह विकेट गिरने के बाद जिस तरह भारत ने वापसी की, उसने इस जीत को और खास बना दिया।

इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। टीम इंडिया के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि बल्लेबाजी के दौरान एक समय मुकाबला उसके हाथ से निकलता दिखाई दे रहा था। तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने मुश्किल परिस्थिति में जिम्मेदारी उठाकर साबित किया कि दबाव के क्षणों में भी टीम के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। नमन धीर की तेज पारी ने भी वापसी की राह तैयार करने में योगदान दिया। 

वहीं न्यूजीलैंड के लिए ग्लेन फिलिप्स और बेवोन जैकब्स की पारियां बड़े स्कोर की वजह बनीं, लेकिन गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके। अब सीरीज के अगले मुकाबलों में न्यूजीलैंड के सामने वापसी की चुनौती होगी, जबकि भारतीय टीम अपनी बढ़त को और मजबूत करने के इरादे से उतरेगी। क्राइस्टचर्च में मिली इस जीत ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है और सीरीज में उसकी स्थिति मजबूत कर दी है।

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